EMI meaning in hindi emi full form

EMI meaning in hindi emi full form


EMI meaning in hindi

EMI Full form-
Equated Monthly Installment (मासिक किस्त)

EMI meaning-
Equated Monthly Installment (मासिक किस्त) मासिक किस्त एक निश्चित भुगतान राशि है जो एक उधारकर्ता (Loan लेने वाला) द्वारा प्रत्येक महीने में एक निश्चित तारीख को Loan लेने वाले से ली जाती है।

ईएमआई क्या है ? what is emi? 
EMI का फुल फॉर्म Equated Monthly Installment  होता है इसे हिंदी में मासिक किस्त कहते है। (EMI ) मासिक किस्त एक निश्चित भुगतान राशि है जो एक उधारकर्ता (Loan लेने वाला) द्वारा प्रत्येक महीने में एक निश्चित तारीख को Loan लेने वाले से ली जाती है।

एक समान मासिक किस्त (EMI) एक fixed payment amount है जो एक उधारकर्ता द्वारा प्रत्येक माह में एक किसी भी तारीख पर एक उधार देनेवाले को दी जाती है। 

equated monthly installments प्रत्येक महीने ब्याज और मूलधन दोनों पर लागू होती हैं ताकि specified years  में ऋण का पूरा भुगतान किया जा सके। most common type के ऋणों में - जैसे कि real estate mortgage, auto loans and student loans - borrower loan को retired करने के लक्ष्य के साथ कई वर्षों के दौरान कर्ज देनेवाले  को निश्चित periodic भुगतान करता है।

EMI का क्या मतलब है?

ईएमआई का मतलब समान मासिक किस्त है। यह एक निर्धारित समय सीमा के भीतर एक बकाया ऋण का निपटान करने के लिए किए गए आवधिक भुगतान को referenced करता है। ये भुगतान हर बार एक ही राशि के होते हैं।

EMI Formula क्या है?

ईएमआई फ्लैट-रेट फॉर्मूला की गणना principal loan amount और Principal amount पर ब्याज को एक साथ जोड़कर और result को महीनों की संख्या से गुणा करके अवधियों की संख्या से विभाजित करके की जाती है।

ईएमआई घटाने-बैलेंस विधि की गणना इस सूत्र का उपयोग करके की जाती है-

Formula  = (t×((1+r)n)−1) / (P×I)×((1+r)n)

P = उधार ली गई मूल राशि (Principal amount borrowed)
I = वार्षिक ब्याज दर (Annual interest rate)
r=आवधिक मासिक ब्याज दर (Periodic monthly interest rate)
n=मासिक भुगतानों की कुल संख्या (Total number of monthly payments)
t= एक वर्ष में महीनों की संख्या (Number of months in a year)

क्रेडिट कार्ड से EMI कैसे कटती है?
जैसे ही आप EMI विकल्प के साथ क्रेडिट कार्ड पर कुछ खरीदते हैं। आपके कार्ड की उपलब्ध क्रेडिट सीमा सामान या सेवा की  कुल लागत से कम हो जाती है।

क्रेडिट कार्ड पर EMI होम लोन या पर्सनल लोन की तरह काम करती है आप हर महीने मूलधन और ब्याज का भुगतान करते हैं, धीरे-धीरे अपने कर्ज को धीरे-धीरे कम करते हैं जब तक कि आप इसे पूरी तरह से चुका नहीं देते।low-balance method का उपयोग करके क्रेडिट कार्ड से ईएमआई काट ली जाती है।

ईएमआई अच्छी होती है या खराब?
EMi न तो स्वाभाविक रूप से अच्छी है और न ही खराब-जब तक कि आप उधार लेना और ऋण अर्जित करना बुरा नहीं मानते हैं, और चीजों का पूरा भुगतान करना एकमात्र "अच्छा" विकल्प है।

उधार लेने के विकल्पों के संदर्भ में, EMI के अपने point हैं। क्योंकि यह हर महीने एक ही निश्चित भुगतान में ऋण को विभाजित करता है, यह उधारकर्ताओं को उनके finance का Budget बनाने और उनके बकाया obligations को ध्यान में रखने में मदद करता है। वे जानते हैं कि उन्हें कितना भुगतान करना है, और उन्हें अपना पूरा कर्ज चुकाने में कितना समय लगेगा।


Tenure ऋण अवधि क्या है कितने समय  के लिए loan मिलता है?-
यह वह समय है जिसके लिए एक financial institution loan amount को मंजूरी देता है और जिसके दौरान उधारकर्ता ब्याज सहित ऋण चुकाने के लिए उत्तरदायी होता है। उधारकर्ता पूरे कार्यकाल के दौरान ईएमआई (EMI)के रूप में ऋण चुकाते हैं। लोन की  समय (tenure) अवधि 3 महीने से 07 Years के बीच की है। 

Tenure Depend करता है की आप किस type का लोन लेना चाहते है। जैसे कार लोन Tenure 12 से 60 महीने तक हो सकती है। कुछ बैंक नई कारों के लिए 7 साल तक की अवधि के साथ कार ऋण प्रदान करते हैं।

Home Loan पर maximum ऋण अवधि (Loan Tenure)  कितनी है ?

सभी Loan देने वाले banks द्वारा दी जाने वाली अधिकतम होम लोन अवधि (Maximum Home Loan Tenure) 30 वर्ष है। tenure जितना लंबा होगा, EMI उतनी ही कम होगी, लेकिन कम से कम अवधि (Tenure) के लिए लोन लेना सबसे अच्छा है जिसे आप afford कर सकते हैं। लंबी अवधि के ऋण में, Interest का outflow बहुत अधिक होता है।

Loan किसे कहते है ?
जब कोई ऋणदाता (उधार देनेवाला) किसी व्यक्ति  को एक sure guarantee के साथ या इस विश्वास के आधार पर लोन देता है कि प्राप्तकर्ता (उधार दलेनेवाला) उधार के पैसे को कुछ अतिरिक्त लाभों के साथ चुकाएगा, जैसे कि Rate of interest process को उधार देना या ऋण-loan  लेना कहा जाता है।

एक loan के तीन component होते हैं -
Principal or loan amount  मूलधन या उधार राशि, ब्याज दर (Rate of interest ) और अवधि (Period -Tenure) जिसके लिए ऋण लिया जाता है। हम में से अधिकांश लोग बैंक या किसी reliable non-banking financial company से पैसा उधार लेना पसंद करते हैं क्योंकि वे government policies से बंधे होते हैं और भरोसेमंद होते हैं।

Loan के प्रकार-
Loan के  कई प्रकार है जैसे 

*Secured loan
*Unsecured loan
*Education loan
*Personal loan
*Vehicle loan  
(Two-Wheeler Loans, four Wheeler Loans )
*Home Loan
*Gold loan
*Loan against property
*Personal Loans
*Credit Card Loans
*Small Business Loans etc....

Personal Loans  क्या है ?
Personal Loans- loan चाहे  आप अपना खुद का बिज़नेस शुरू करने के लिए ले , कोई भी सामान खरीदने के ले , word के कही भी घूमने जाने के लिए , shopping के लिए , इत्यादि यह सभी पर्सनल लोन कहलाते है। आप किसी भी मोबाइल एप्लीकेशन या किसी भी बैंक से लोन ले सबका अलग अलग interest rate होता है।

Interest rate क्या है? - 
Interest rate  वह Amount है जिसे आप एक ऋण का Ratio जिसे उधारकर्ता (borrower) से ब्याज के रूप में लिया जाता है interest rate कहलाता है। ब्याज दर  वार्षिक आधार पर नोट की जाती है जिसे वार्षिक प्रतिशत दर (annual percentage rate-APR) के रूप में जाना जाता है।उधार दिए गए धन के उपयोग के लिए  या किसी ऋण की payment में देरी के लिए एक special rate पर नियमित रूप से भुगतान किया गया धन interest rate होता है।

लोन लेने से पहले आप इन बातो का जरूर ध्यान रखे -
हर आदमी को कभी न कभी लोन लेने की जरुरत जरूर पड़ती है, अपनी जरुरत के हिसाब से लोन छोड़ा या बड़ा हो सकता है जैसे हमें गाडी या घर खरीदने के लिए अपना खुद का business शुरू करने के लिए  हमें बैंक से लोन लेने की जरुरत पड़ती है और अचानक किसी छोटे खर्चे के आ जाने पर हम अपने दोस्त रिस्तेदार से पैसे उधार लेते है। इस तरह से लोन छोटा हो या बड़ा इसकी जरुरत समय समय पर हर किसी को पड़ती है। लेकिन अगर आप लोन लेने से पहले आप इन बातो का जरूर ध्यान रखे। अगर आप इन बातो  में ध्यान में रखकर रखकर लोन लेते है तो आप फ्यूचर में कभी भी कर्ज के जाल में नहीं फसेंगे। 

1. Repayment capacity के हिसाब से ही लोन ले -लोन किसी भी तरह से लीजिये लेकिन इतना ध्यान जरूर रखिये की ये  अमाउंट आपकी कर्ज चुकाने की कैपेसिटी के हिसाब से होना चाहिए मतलब आप अपनी रेगुलर इनकम से पैसा बचाकर लोन की रकम एक निश्चित समय में चुका पाने में capable होने चाहिए।  आपके कुल लोन की मासिक किस्त आप की मासिक आय के 30 % से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, अगर आप 40 से 50 हजार महीना कमाते है तो आपके लोन की emi  लगभग 12000 से 15000  से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।  अगर आप इससे ज्यादा emi भरते है तो आपको फ्यूचर में दिग्गत या  आपके फ्यूचर की प्लानिंग में दिग्गत हो सकती है।

2. EMI हमेशा समय पर दे -  ईएमआई फिक्स टाइम पर दीजिए इस बात का जरूर ध्यान रखिए कि लोन चाहे छोटे समय के लिए हो जैसे क्रेडिट कार्ड का बिल या फिर लंबे समय के लिए हो जैसे कार लोन, business loan लोन का भुगतान आप हमेशा समय पर ही करिए,  अगर आप emi देने से चूक जाते हैं  तो इसका सीधा असर आपके क्रेडिट प्रोफाइल पर पड़ता है जिसकी वजह से फ्यूचर में लोन पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। 

3. हमेशा कम से कम टाइम के लिए loan लेना चाहिए -लोन चुकाने का समय जितना लंबा होता है उतना ही ज्यादा अमाउंट आप को लोन के भुगतान में चुकाना पड़ता है।  लोन चुकाने का समय जितना छोटा होता है उतना ही अच्छा होता है, लोन चुकाने का टाइम पीरियड बढ़ाने पर emi का अमाउंट कम हो जाता है लेकिन टोटल लोन का अकाउंट बढ़ जाता है। 

4. बड़े अमाउंट लोन के साथ insurence जरूर ले -बड़े अमाउंट वाले लोन के साथ इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए अगर आप होम लोन या कार लोन या फिर बिज़नेस लोन  जैसा कोई बड़ा loan लेते हैं तो साथ में इंश्योरेंस लेना चाहिए।  क्योकि अगर आपको कुछ हो जाता है और आप पर डिपेंड लोग उस अमाउंट को नहीं चूका  पाते हैं तो लोन  देने वाला आपके पैसे इंश्योरेंस  से ले लेता है। term-plan लेने से आपकी नामौजूदगी में घर वालों को बड़े अमाउंट वाले लोन की emi को चुकाना नहीं  पड़ेगा। 

तो अगर आप इन पॉइंट को ध्यान में रख कर loan लेते है तो आप कभी भी कर्ज के जाल में नहीं फसेंगे। 


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